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महाराष्ट्र: आजी-माजी सैनिक संगठन की हुई बैठक, सैनिकों के सम्मान और वीर नारियों के अधिकारों के लिए संघर्ष का लिया संकल्प
- Photo by : social media
संक्षेप
महाराष्ट्र: बारामती स्थित आजी-माजी सैनिक संगठन के कार्यालय में आजी-माजी सैनिकों की बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित की गई।
विस्तार
महाराष्ट्र: बारामती स्थित आजी-माजी सैनिक संगठन के कार्यालय में आजी-माजी सैनिकों की बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। बैठक में सैनिकों के सम्मान, अधिकारों और वीर नारियों की समस्याओं को लेकर चर्चा हुई। साथ ही, इन मुद्दों के समाधान के लिए संगठन के माध्यम से एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। बैठक की शुरुआत मेजर गणपत फडतरे की प्रस्तावना से हुई। इसके बाद संगठन अध्यक्ष हनुमंत निंबाळकर ने उपस्थित सैनिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रांत कार्यालय, तहसीलदार कार्यालय, पुलिस स्टेशन सहित विभिन्न सरकारी कार्यालयों में सैनिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उनकी समस्याओं और कठिनाइयों को गंभीरता से लेते हुए उचित समाधान किया जाना जरूरी है। हनुमंत निंबाळकर ने कहा कि सैनिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सभी आजी-माजी सैनिकों का संगठित रहना आवश्यक है। उन्होंने संगठन की ओर से अब तक सैनिकों को उपलब्ध कराई गई सहायता और किए गए कार्यों की जानकारी भी दी। बैठक में वीर नारियों को शासन की ओर से स्वीकृत दो हेक्टेयर जमीन दिलाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। अध्यक्ष ने इस मांग को लेकर जरूरत पड़ने पर बारामती में क्रमिक भूख हड़ताल करने और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने की बात कही। उपस्थित सैनिकों ने इस प्रस्ताव को समर्थन दिया। बैठक में सैनिकों के सम्मान, अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए संगठनात्मक स्तर पर एकजुट होकर प्रयास जारी रखने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम का समापन मेजर लडकत साहब के मार्गदर्शनपरक संबोधन के साथ हुआ।
