Contact for Advertisement 9650503773


उत्तर प्रदेश: जमीन रजिस्ट्री को लेकर विवाद गहराया, परिवारों ने दबाव, धमकी और जबरन निर्माण की कोशिश के लगाए आरोप

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 02/09/2026 04:06:07 pm Share:
  • उत्तर प्रदेश
  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
  • Date:
  • 02/09/2026 04:06:07 pm
Share:

संक्षेप

उत्तर प्रदेश: केराकत तहसील क्षेत्र के चंदवक थाना अंतर्गत पतरहीं ग्राम सभा में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर विवाद सामने आया है।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: केराकत तहसील क्षेत्र के चंदवक थाना अंतर्गत पतरहीं ग्राम सभा में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय राजभर परिवारों और ग्रामीणों ने एक महिला पर जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद परिवारों पर दबाव बनाने, घर खाली कराने की धमकी देने और जबरन निर्माण की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, 1 जून 2026 को गोपाल राजभर से संबंधित जमीन की रजिस्ट्री शिला पत्नी शिवमंगल सिंह के नाम कराई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि गोपाल राजभर शराब पीने के आदी थे और उनकी इसी स्थिति का कथित रूप से फायदा उठाकर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। आरोप यह भी है कि रजिस्ट्री के बाद गोपाल को जिले से बाहर चले जाने के लिए मजबूर किया गया।

राजेश, दीपक और राजकुमार राजभर सहित प्रभावित परिवारों का कहना है कि जमीन की रजिस्ट्री के बाद उन्हें अपने घर खाली करने के लिए लगातार दबाव दिया जा रहा है। परिवारों का आरोप है कि घर खाली नहीं करने पर उन्हें और उनके परिजनों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने गाली-गलौज और दबाव बनाए जाने के भी आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, उनके घरों के आसपास कथित रूप से जबरन निर्माण कराने की तैयारी की जा रही है। आरोप है कि निर्माण के लिए ट्रैक्टर से ईंटें लाकर मौके पर रख दी गई हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि संबंधित लोग बार-बार गांव में आकर दबाव बना रहे हैं और पुलिस का सहारा लेकर कार्रवाई का भय दिखाया जा रहा है।

मामले को लेकर गांव के प्रधान सियाराम राजभर सहित कई महिलाओं और पुरुषों ने भी अपनी चिंता जाहिर की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं कराया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से जमीन के दस्तावेजों की जांच कराने, दोनों पक्षों की बात सुनने और किसी भी प्रकार के जबरन निर्माण या उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की है। मामले की जानकारी लेने के लिए उपजिलाधिकारी केराकत से दूरभाष पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में है। अब मामले में राजस्व अभिलेखों, रजिस्ट्री दस्तावेजों और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

Related News

उत्तर प्रदेश: सहारनपुर में अखिलेश के दौरे पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी, बाहर इंतजार करते रहे नेता-पार्षद

मध्य प्रदेश: चंबल के तीन जिलों में बलराम कृषि महोत्सव, किसानों के लिए होंगे विशेष आयोजन

उत्तर प्रदेश: बस्ती पुलिस में बड़ा फेरबदल, 27 पुलिसकर्मियों के तबादले; वाल्टरगंज को मिला नया प्रभारी निरीक्षक

उत्तर प्रदेश: बरेली में नशे के कारोबार का भंडाफोड़, 3.5 किलो गांजा और 45 पव्वे शराब के साथ 2 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश: भोर में नगर बाजार पहुंचे CRO और SDM, नाला-नाली से लेकर वाटर कूलर तक का लिया जायजा

उत्तर प्रदेश: संतकबीरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर ठगी के ₹26,205 पीड़ित को वापस कराए


Featured News