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उत्तर प्रदेश: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर प्रेस वार्ता, महिला सशक्तिकरण पर हुई चर्चा
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal, Date: 18/04/2026 10:36:22 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal,
  • Date:
  • 18/04/2026 10:36:22 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर मे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आज जिला मुख्यालय के रायफल क्लब, कलेक्टेªट सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम (प्रेस वार्ता) का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाओं ने प्रतिभाग किया और अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महिलाओं ने मीडिया से मुखातिब होते हुए इस अधिनियम को देश में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी कदम बताया।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: जनपद गाजीपुर मे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आज जिला मुख्यालय के रायफल क्लब, कलेक्टेªट सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम (प्रेस वार्ता) का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाओं ने प्रतिभाग किया और अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में महिलाओं ने मीडिया से मुखातिब होते हुए इस अधिनियम को देश में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी कदम बताया। प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने नारी वंदन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नारी वंदन कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं, चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति या विज्ञान का क्षेत्र हो। ऐसे में समाज का दायित्व है कि उन्हें समान अवसर प्रदान किए जाएं और उनके योगदान को उचित सम्मान दिया जाए। इस अवसर पर डॉ ऋचा राय (साहित्कार) ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से राजनीति में महिलाओं की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है, जिसे संतुलित करने के लिए यह अधिनियम अत्यंत आवश्यक था। यह कानून महिलाओं को लोकसभा, राज्यसभा एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान कर उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त बनाएगा।


डॉ0 बीती सिंह (चिकित्सक) ने कहा कि इस अधिनियम से महिलाओं को समाज में सम्मान और पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने वाले पदों पर पहुंचेंगी, तो स्वास्थ्य, पोषण और महिला कल्याण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी, जिससे समाज का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होने कहा कि यह अधिनियम केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में महिलाओं के प्रति सोच और दृष्टिकोण को भी सकारात्मक रूप से परिवर्तित करेगा। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता मिलेगी और वे आत्मविश्वास के साथ समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी। शिक्षा क्षेत्र से श्रीमती विभा श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से नीति निर्माण में संवेदनशीलता आएगी, जिससे महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों को बेहतर ढंग से समझा और हल किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम भविष्य में एक सशक्त एवं समावेशी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का प्रभाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। इससे बालिकाओं को प्रेरणा मिलेगी और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक जागरूक और आत्मनिर्भर बनेंगी।

अधिवक्ता एडवोकेट ज्योत्सना श्रीवास्तव ने अधिनियम के कानूनी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को संवैधानिक अधिकारों के तहत मजबूत आधार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को न्याय और समानता के अधिकारों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने का अवसर मिलेगा। उन्होने कहा कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में आगे आती हैं तो वह किसी भी समस्या का समाधान भावनात्मक रूप से करती हैं हमारे देश में जितना महिला नेतृत्व बढ़ेगा उतना ही हमारा देश विकसित होगा। महिला ही नींव बनाती है कि हमारा भविष्य कैसा होगा हमारे देश का भविष्य कैसा होगा, जितना महिलाएं आगे आएंगी उतना ही हमारा देश तरक्की करेगा। इस अधिनियम में सभी वर्गों की महिलाओं को समान अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिष्ठित महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व केवल 33 प्रतिशत आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज में लैंगिक समानता की दिशा में एक सशक्त संदेश भी देता है। यह महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में आगे आने के लिए प्रेरित करेगा और शासन व्यवस्था में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

 महिलाओं ने यह भी कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे समाज के सभी वर्गों की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा और नीतियां अधिक समावेशी एवं प्रभावी बनेंगी। अंत में सभी वक्ताओं ने इस अधिनियम का स्वागत करते हुए इसे महिलाओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया और कहा कि इससे देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया गया। साथ ही महिलाओं के प्रति हो रहे भेदभाव और हिंसा को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया गया। प्रेस वार्ता के अंत में पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए वक्ताओं ने नारी सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी और समाज के सभी वर्गों से महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की। इस कार्यक्रम का संचालन जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी एवं धन्यवाद ज्ञापित सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने किया। इस अवसर पर सहायक पर्यटक अधिकारी राम कुमार मौर्य एवं प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के साथ सूचना विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।