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उत्तर प्रदेश: बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारियों ने ट्रक मालिकों पर मनमानी वसूली और धमकी का लगाया आरोप, सौंपा ज्ञापन
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संक्षेप
उत्तर प्रदेश: बस्ती बिल्डिंग मैटेरियल एसोसिएशन बस्ती के बैनर तले बुधवार को जिले के बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर क्षेत्राधिकारी रुधौली को ज्ञापन सौंपा।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: बस्ती बिल्डिंग मैटेरियल एसोसिएशन बस्ती के बैनर तले बुधवार को जिले के बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर क्षेत्राधिकारी रुधौली को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कुछ ट्रक मालिकों पर बाजार भाव से पांच से सात रुपये प्रति फीट अधिक कीमत पर मोरंग-गिट्टी खरीदने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने विरोध करने पर दुकान पर पहुंचकर गाली-गलौज और मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया। मामले में कार्रवाई और व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की गई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष फूलचंद चौधरी और महामंत्री मनोज जायसवाल ने बताया कि खलीलाबाद से आने वाली ट्रकों में मोरंग नापी के आधार पर बस्ती में उपलब्ध हो रही है, जबकि कुछ स्थानीय ट्रक मालिक व्यापारियों पर वजन के आधार पर माल लेने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि खलीलाबाद से मंगाई गई गाड़ी को दुकान पर खाली कराने की कोशिश करने पर स्थानीय ट्रक मालिक चालक के साथ विवाद करते हैं और उसे वहां से गाड़ी हटाने के लिए मजबूर करते हैं। दुकानों पर पहुंचकर विवाद करने का आरोप व्यापारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से इस तरह का दबाव बढ़ गया है। एसोसिएशन ने ज्ञापन में दीपक सिंह, राजू चौधरी, देवेश, राज कुमार सिंह और आलोक सिंह समेत कुछ ट्रक मालिकों का उल्लेख किया है। व्यापारियों का आरोप है कि 15 सितंबर को जेपी ट्रेडिंग कंपनी पचपेड़िया, मौर्या बिल्डिंग मैटेरियल और माधुरी बिल्डिंग मैटेरियल तथा 16 सितंबर को प्रेम बिल्डिंग मैटेरियल, सागर ट्रेडर्स और जीनियस इंटरप्राइजेज पर इसी तरह की घटनाएं हुईं। व्यापारियों ने बताया कि संबंधित घटनाओं के फोटो और वीडियो साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि इस तरह के विवाद से व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल पैदा हो रहा है और निर्माण सामग्री की आपूर्ति भी प्रभावित होने की आशंका है। रेट और नाप-तौल की पारदर्शी व्यवस्था की मांग एसोसिएशन ने पुलिस से संबंधित लोगों के खिलाफ जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने और व्यापारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही खलीलाबाद और बस्ती से आने वाले ट्रकों के लिए मोरंग-गिट्टी की नाप-तौल और दर को लेकर स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन देने वालों में चौधरी बिल्डिंग मैटेरियल के फूलचंद चौधरी, प्रज्ञा एंटरप्राइजेज के अश्वनी गुप्ता, सागर ट्रेडर्स, सोना ट्रेडर्स, माधुरी ट्रेडर्स समेत एसोसिएशन के कई पदाधिकारी और व्यापारी शामिल रहे। व्यापारियों का कहना है कि मोरंग-गिट्टी की कीमत और आपूर्ति से जुड़े विवाद का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं है। निर्माण सामग्री की लागत बढ़ने पर इसका प्रभाव निर्माण कार्य और मकान बनवा रहे लोगों के बजट पर भी पड़ सकता है। व्यापारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
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