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उत्तर प्रदेश: मीना दिवस पर बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
 

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उत्तर प्रदेश  Published by: Ramkesh Vishwakarma , उत्तर प्रदेश  Edited By: Kunal Tewatia, Date: 25/09/2026 10:36:06 am Share:
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  • Published by.: Ramkesh Vishwakarma ,
  • Edited By.: Kunal Tewatia,
  • Date:
  • 25/09/2026 10:36:06 am
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: मीना दिवस पर बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति किया जागरउत्तर प्रदेश: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजीपुर के निर्देशानुसार आज 24 सितंबर को जनपद के समस्त विकास खंडों के प्राथमिक,

विस्तार

उत्तर प्रदेश: मीना दिवस पर बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति किया जागरउत्तर प्रदेश: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजीपुर के निर्देशानुसार आज 24 सितंबर को जनपद के समस्त विकास खंडों के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (ज्ञळठट) में ‘मीना दिवस’ उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षिक व सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा के महत्व, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। मीना मंच की कहानियों का वाचन विद्यालयों में मीना के प्रेरक प्रसंगों और प्रेरक कहानियों (जैसे बाल विवाह रोकथाम, नियमित विद्यालय उपस्थिति और स्वच्छता) पर आधारित नाटक एवं रोल-प्ले आयोजित किए गए। रचनात्मक प्रतियोगिताएं छात्राओं के बीच पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी (क्विज) का आयोजन हुआ, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। 

स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता, शिक्षिकाओं और सुगमकर्ताओं द्वारा छात्राओं को माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, पोषण, आत्मरक्षा तथा गुड टच-बैड टच के बारे में विस्तार से समझाया गया। बाल विवाह एवं ड्रॉपआउट पर चर्चारू मीना मंच की नोडल शिक्षिकाओं ने समुदाय व अभिभावकों को प्रेरित किया कि वे बेटियों की शिक्षा बीच में न छुड़वाएं और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर दें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि मीना केवल एक काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के अधिकारों, सकारात्मक बदलाव और आत्मविश्वास का प्रतीक है। विद्यालयों में मीना मंच के नियमित आयोजनों से बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास होता है और वे खुलकर अपनी बात रखने में सक्षम बनती हैं। कार्यक्रम में सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा, संकुल शिक्षक, प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।