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उत्तर प्रदेश: बुर्का पहनकर जिला अस्पताल से फरार हुई महिला बंदी, टॉयलेट में मिले कपड़े; दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित

- Photo by : social media

उत्तर प्रदेश  Published by: Raju(UP) , उत्तर प्रदेश  Edited By: Shubhi Shikha Nayal, Date: 03/09/2026 12:46:30 pm Share:
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  • Edited By.: Shubhi Shikha Nayal,
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  • 03/09/2026 12:46:30 pm
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संक्षेप

उत्तर प्रदेश: बरेली जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती एक महिला बंदी पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर फरार हो गई।

विस्तार

उत्तर प्रदेश: बरेली जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती एक महिला बंदी पुलिस सुरक्षा को चकमा देकर फरार हो गई। महिला ने टॉयलेट जाने की बात कहकर वार्ड से बाहर जाने की अनुमति ली और इसी दौरान अपने कपड़े बदलकर बुर्का पहन लिया। इसके बाद वह अस्पताल से बाहर निकल गई। काफी देर तक जब महिला वार्ड में वापस नहीं पहुंची तो सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को शक हुआ। टॉयलेट की तलाशी लेने पर वहां महिला के कपड़े मिले, लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं थी। महिला बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात दोनों महिला पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस अब अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ महिला की तलाश में जुटी है।

POCSO मामले में जेल में बंद थी ममता

फरार महिला की पहचान इज्जतनगर क्षेत्र के तुलाशेरपुर गांव निवासी 49 वर्षीय ममता पत्नी पप्पू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ममता को फरीदपुर पुलिस ने दिसंबर 2025 में पॉक्सो एक्ट से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे केसरपुर स्थित केंद्रीय कारागार-2 भेजा गया था। 31 अगस्त को ममता को अदालत में पेशी के लिए जिला न्यायालय लाया गया था। पेशी के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उसे दो महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में भर्ती कराया गया था।

टॉयलेट में कपड़े बदलकर बुर्का पहनने का आरोप

बताया जा रहा है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान ममता कई बार टॉयलेट जाने के लिए वार्ड से बाहर गई थी। बुधवार शाम करीब सात बजे उसने दोबारा टॉयलेट जाने की बात कही। उस समय सुरक्षा में तैनात दोनों महिला पुलिसकर्मी खाना खा रही थीं। पुलिसकर्मियों ने उसे टॉयलेट जाने दिया। कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटी तो दोनों महिला पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। टॉयलेट में जाकर तलाश की गई तो वहां ममता के कपड़े मिले। पुलिस को आशंका है कि उसने वहीं कपड़े बदलकर बुर्का पहना और अस्पताल से बाहर निकल गई। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि उसे बुर्का किसने उपलब्ध कराया।

बेटे को फोन कर बताई फरारी की बात

महिला के फरार होने के बाद उसका बेटा केशव भी उसे तलाशते हुए जिला अस्पताल पहुंचा। पुलिस को उसने बताया कि उसकी मां ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से उसे कॉल किया था। केशव के मुताबिक, ममता ने फोन पर बताया कि वह अस्पताल से बाहर निकल चुकी है और अब अपना मामला खुद देख लेगी। इस जानकारी के बाद पुलिस फरारी में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस फोन कॉल और इस्तेमाल किए गए मोबाइल की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

सूचना मिलने पर कोतवाली इंस्पेक्टर राजीव चौधरी पुलिस टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल के कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की। साथ ही अस्पताल परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ममता किस रास्ते से अस्पताल से बाहर निकली और उसके बाद किस दिशा में गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अस्पताल के बाहर किसी व्यक्ति ने उसे वाहन या अन्य माध्यम से मदद तो नहीं दी। महिला बंदी की सुरक्षा में लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी ने ड्यूटी पर तैनात दोनों महिला पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस विभाग की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस फरार महिला बंदी की तलाश के साथ उसकी फरारी में संभावित मददगारों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।