-
☰
No image found.
उत्तर प्रदेश: राजस्व मामलों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम कृतिका ज्योत्स्ना ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में राजस्व कार्यों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना ने अधिकारियों को लंबित मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में राजस्व कार्यों की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना ने अधिकारियों को लंबित मामलों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए हैं। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने विभिन्न राजस्व कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि जनसामान्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप राजस्व मामलों के निस्तारण में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने तहसील स्तर पर लंबित वादों के साथ-साथ नामांतरण, वरासत और पैमाइश से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। लंबित वादों की नियमित निगरानी के निर्देश डीएम कृतिका ज्योत्स्ना ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। फरियादियों को समय से न्याय और राहत दिलाने के लिए अधिकारी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों की लगातार समीक्षा करें और जिन मामलों के निस्तारण में देरी हो रही है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व मामलों में समयबद्ध कार्रवाई होने से आम लोगों को बड़ी राहत मिलती है और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत होता है। तहसीलवार राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने तहसीलवार राजस्व कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी राजस्व कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाए।डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राजस्व मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए और आमजन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि लोगों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनके प्रकरणों का निर्धारित समय के भीतर निस्तारण हो। समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती, अपर जिलाधिकारी ज्ञान चंद्र गुप्ता, सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत राजस्व विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
