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उत्तर प्रदेश: CSP सेंटर की आड़ में करोड़ों के गबन का आरोप, पैकोलिया पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
- Photo by : social media
संक्षेप
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में CSP सेंटर की आड़ में ग्रामीणों से जमा कराई गई रकम में कथित गबन का मामला सामने आया है।
विस्तार
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में CSP सेंटर की आड़ में ग्रामीणों से जमा कराई गई रकम में कथित गबन का मामला सामने आया है। पैकोलिया पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ग्रामीणों से रकम जमा कराने के बाद उन्हें कथित तौर पर फर्जी रसीदें दी जाती थीं और जमा धनराशि को निजी बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पिछले करीब तीन वर्षों के दौरान एक करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। प्रभारी निरीक्षक मोती चंद के नेतृत्व में पैकोलिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चन्दन विक्रम (24), निवासी औरातोंदा, थाना पैकोलिया और रिशा वर्मा (28), निवासी चौबेपुर, थाना हर्रैया को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। फर्जी रसीद देकर रकम हड़पने का आरोप पुलिस के मुताबिक, आरोपी CSP सेंटर के माध्यम से ग्रामीणों और अन्य ग्राहकों से रकम जमा कराते थे। आरोप है कि रकम जमा करने के बाद ग्राहकों को ऐसी रसीदें दी जाती थीं, जिनकी वैधता और वास्तविक लेनदेन को लेकर सवाल उठे हैं। इसके बाद रकम कथित तौर पर निजी खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। मामले में जवाहरलाल से संबंधित आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, चेक को एफडी बताकर लोगों को गुमराह करने के आरोप की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया है। बैंक खातों में बड़े लेनदेन की जांच पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, रिशा वर्मा से जुड़े खातों में करीब 97 लाख रुपये, पीएनबी खाते में लगभग 22 लाख रुपये और फंड ट्रांसफर के माध्यम से 11 लाख रुपये से अधिक के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि यह जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच के बाद लेनदेन की कुल रकम और मामले में शामिल लोगों की संख्या में बदलाव संभव है। बताया गया है कि 32 लोगों ने मामले को लेकर एक साथ तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। अब बैंक खातों, लेनदेन और जमा-निकासी से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी पुलिस पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि CSP सेंटर के माध्यम से कितने लोगों से रकम जमा कराई गई और उसमें से कितनी धनराशि कथित तौर पर दूसरे खातों में स्थानांतरित हुई। डिजिटल लेनदेन और बैंक रिकॉर्ड को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक मोती चंद, उपनिरीक्षक सैयद वसी हैदर जैदी, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र यादव, कांस्टेबल सूरज सिंह और महिला कांस्टेबल शिवानी कुमारी शामिल रहे।
